एलर्जिक राइनाइटिस या हे फीवर का होम्योपैथिक उपचार

By Dr Harsh Sharma, DHMS, BHMS

Published September 3, 2019, Last updated September 3, 2019

 

एलर्जिक राईनाइटिस के लिए वे 5 सर्वोत्तम होम्योपैथिक दवाएं
एलर्जिक राईनाइटिस

एलर्जिक राईनिटिस या हे फीवर एक साधारण बीमारी है  जिस में छींकें आना, आँखों से पानी आना और नाक बहना जैसे लक्षण होते हैं। एलर्जिक राईनिटिस का होम्योपैथिक उपचार इसे स्थाई रूप से ठीक करने में सक्षम है। इस से पहले कि हम एलर्जिक राईनिटिस के होम्योपैथिक उपचार की बात करें, हम एलर्जिक राईनिटिस या हे फीवर के बारे में थोड़े तथ्य जान लें।

क्या है एलर्जिक राईनिटिस या हे फीवर

एलर्जिक राईनिटिस या हे फीवर एक एलर्जिक बीमारी है जिस में नाक के अंदर की श्लेष्मा झिल्ली में सूजन आ जाती है। यह सूजन तब होती है जब कोई एलर्जी करने वाली चीज़ सम्पर्क में आती है। ये चीज़ें धुआँ, मिट्टी के कण या पराग ( फूलों के कण ) या कोई तेज़ गंध सम्पर्क में आते हैं। यह समस्या पतझड़ और वसंत ऋतु में अधिक होती है।

एलर्जिक राईनिटिस या हे फीवर के लक्षण

एलर्जिक राईनिटिस या हे फीवर के साधारण लक्षण हैं छींकें आना, आँखों से पानी आना और नाक से पानी आना। नाक में खुजली होती है तथा उस से छींकें आना शुरू हो जाता है और नाक से भी पानी आने लगता है। नाक के पिछले भाग से गले में रेशा गिरता रहता है। सूंघने की शक्ति कम हो जाती है। नाक अधिकतर बंद रहने लगता है और साँस मुँह से लेना पड़ता है। रात का समय बहुत कष्टदायी होता है क्यूंकि सोने में मुश्किल मह्सूस होती है। मुँह से साँस लेने की वजह से मुँह सूख जाता है। कई बार कान भी बंद होने लगते हैं।

एलर्जिक राईनिटिस का घरेलु उपचार

अंग्रेजी दवा प्रणाली में एलर्जिक राईनाइटिस का उपचार केवल सिट्राजिन जैसी एन्टी एलर्जिक दवाओं का निरन्तर सेवन ही रह जाता है। जब तक आप ये दवाएं लेते रहते हैं, तब तक आप को थोड़ा आराम रहता है। इन का असर कुछ घंटों तक ही रहता है। परन्तु जिस दिन आप दवा नहीं लेते आप पुनः उसी स्थिति में आ जाते हैं जिस में थे। मेरे पास ऐसे भी रोगी आते हैं जो सालों से ये दवाएं ले रहे थे। इन दवाओं से नींद आती है और सुस्ती महसूस होती रहती है। यह स्थिति कई बार बहुत खतरा भी पैदा कर सकती है जैसे कि गाड़ी चलाते समय किसी को नींद आ जाए तो कोई दुर्घटना घट सकती है। ये दवायें सस्ती है और आसानी से उपलब्ध हैं इस लिए इन दवाओं का दुरूपयोग बहुत होता है। रोगी स्वयं ही दवा खरीद कर उस का सेवन करते रहते हैं। यही एक प्रकार से घरेलू उपचार बन गई हैं।

एलर्जिक राइनाइटिस या हे फीवर का होम्योपैथिक उपचार

होम्योपैथिक दवाएं एलर्जिक राईनाइटिस  के लिए बहुत ही उपयुक्त हैं। इस की वजह यह है कि होम्योपैथिक दवाएं केवल लक्षणों को दबाने का प्रयास नहीं करतीं । ये दवाएं शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमताओं को बढ़ाती हैं। जैसा कि सब एलर्जी की बीमारियां शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता की कमज़ोरी की वजह से ही होती हैं। किसी एलर्जी करने वाली चीज़ के सम्पर्क में आते ही यह अत्यधिक मात्रा में प्रतिक्रिया करती है और इस वजह से सभी लक्षण महसूस होते हैं।

होम्योपैथिक दवाएं इस अत्यधिक प्रतिक्रिया को ठीक कर देती हैं और लक्षण भी धीरे धीरे हर प्रकार से ठीक हो जाते हैं। उन्हीं चीज़ों से जिन से एलर्जी होती थी अब शरीर उन चीज़ें के विरूद्ध किसी भी प्रकार से कोई प्रतिक्रिया नहीं दिखाता।

एलर्जिक राईनाइटिस या हे फीवर के लिए 5 सर्वोत्तम होम्योपैथिक दवाएं

मैं पिछले 2 दशकों से भी अधिक समय से रोगियों का होम्योपैथिक उपचार कर रहा हूँ। मुझे सबसे संतोषजनक परिणाम एलर्जिक राईनाइटिस के उपचार में मिले हैं। इस रोग के उपचार में तो होम्योपैथिक दवाएं तो मानो जादू करती हैं। बहुत सी होम्योपैथिक दवाएं इस के उपचार के लिए उपयोग में लाई जाती हैं। इन में से सबसे अधिक प्रयोग होने वाली 5 दवाएं यहाँ दी जा रही हैं।

ये हैं एलर्जिक राईनाइटिस के लिए वे 5 सर्वोत्तम होम्योपैथिक दवाएं –

  1. एलीयम सीपा – आँखों में पानी के साथ एलर्जिक राईनाइटिस के लिए सर्वोत्तम होम्योपैथिक दवा
  2. आर्सेनिक ऐल्बम – बढ़ी हुई प्यास के साथ एलर्जिक राईनाइटिस के लिए सर्वोत्तम होम्योपैथिक दवा
  3. नेट्रम म्यूर – छींकों के साथ एलर्जिक राईनाइटिस के लिए सर्वोत्तम होम्योपैथिक दवा
  4. मर्क सॉल – गर्मी और ठंड के प्रति संवेदनशीलता के साथ एलर्जिक राईनाइटिस के लिए सर्वोत्तम होम्योपैथिक दवा
  5. अरुण्डो – खुजली के साथ एलर्जिक राईनाइटिस के लिए सर्वोत्तम होम्योपैथिक दवा

यहां उपरोक्त दवाओं के बारे में थोड़ा विस्तार से बता रहा हूँ। इस से आपको इन दवाओं के लक्षणों के बारे में बेहतर अन्दाज़ लग जाएगा।

  1. एलीयम सीपा – आँखों में पानी के साथ एलर्जिक राईनाइटिस के लिए सर्वोत्तम होम्योपैथिक दवा

जब नाक से पानी आने के साथ साथ आँख से भी पानी आता हो, एलर्जिक राईनिटिस के लिए एलीयम सीपा सर्वश्रेष्ठ होम्योपैथिक दवा है। नाक से आने वाला पानी पतला और तीखा होता है जिस से जलन होती है। उसी समय आँख से आने वाला पानी किसी प्रकार की जलन नहीं करता है। आँखे लाल हो जाती हैं और किसी भी प्रकार की रोशनी सह नहीं पातीं। नाक और आँखों में ऐसे जलन होती है जैसे प्याज के काटने से होती है। एक कारण यह भी है कि यह दवा प्याज से ही बनती है और इस के लक्षण भी मिलते जुलते हैं। खुली हवा में रोगी बेहतर महसूस करता है।

  1. आर्सेनिक ऐल्बम – बढ़ी हुई प्यास के साथ एलर्जिक राईनाइटिस के लिए सर्वोत्तम होम्योपैथिक दवा

जब रोगी को बहुत प्यास लगती हो और खुली हवा में लक्षण बढ़ जाते हों तो एलर्जिक राईनाइटिस के लिए आर्सेनिक एल्बम सर्वोत्तम होम्योपैथिक दवा है। आँखों और नाक से बहुत अधिक मात्रा में पानी आता है और यह तीखा जलन करने वाला पानी होता है। रोगी को बहुत बेचैनी और घबराहट होती है। प्यास अधिक होती है परन्तु रोगी बहुत थोड़ा थोड़ा ही पीटा है। सभी लक्षण रात के समय बढ़ जाते हैं। बहुत अधिक कमज़ोरी महसूस होती है जो रोग की तुलना में कहीं अधिक होती है।

  1. नेट्रम म्यूर – छींकों के साथ एलर्जिक राईनाइटिस के लिए सर्वोत्तम होम्योपैथिक दवा

जब छींकें बहुत अधिक हों और सारे लक्षण छींकों से ही शुरू होते हों तो एलर्जिक राईनाइटिस के लिए नेट्रम म्यूर मानो जादू का काम करती है। प्यास अधिक मात्रा में होती है और मुंह सूखता रहता है। नाक से पतला पानी बहता रहता है जो कि अंडे के सफेद अंश के प्रकार का होता है। नमक और नमकीन चीज़ें खाने का मन करता है।

  1. मर्क सॉल – गर्मी और ठंड के प्रति संवेदनशीलता के साथ एलर्जिक राईनाइटिस के लिए सर्वोत्तम होम्योपैथिक दवा

जब रोगी गर्मी और ठंड दोनों ही न सह पाता हो तो एलर्जिक राईनाइटिस के लिए मर्क सोल सर्वोत्तम होम्योपैथिक दवा है। छींकें और नाक से पानी अधिक मात्रा में आता है। बरसात के मौसम में सभी लक्षण बढ़ जाते हैं। अधिक मात्रा में पसीना आना भी इस दवा का एक महत्वपूर्ण लक्षण है। मुंह में थूक की मात्रा भी अधिक होती है, इतनी की मुंह हर समय गीला ही रहता है। फिर भी प्यास बहुत लगती है। मुंह से बदबू भी आती है।

  1. अरुण्डो – खुजली के साथ एलर्जिक राईनाइटिस के लिए सर्वोत्तम होम्योपैथिक दवा

जब लक्षणों का  मुंह में और नाक में खुजली से हो तो एलर्जिक राईनाइटिस के लिए अरुण्डो सर्वश्रेष्ठ होम्योपैथिक दवा है। नाक और मुंह में अत्यधिक खुजली और जलन होती है। यही जलन और खुजली आँखों में भी महसूस होती है। सूंघने की शक्ति भी कम हो जाती है।

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