बवासीर के लिए होम्योपैथिक इलाज

By Dr Harsh Sharma, DHMS, BHMS

Published May 6, 2019, Last updated May 6, 2019

बवासीर के लिए होम्योपैथिक दवा
बवासीर

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बवासीर या पाइल्स क्या है ?

बवासीर हमारे गुदा क्षेत्र को प्रभावित करने वाली बीमारी है। खून का दौरा कम होने से गुदा क्षेत्र की नसें फूल जाती हैं। यह सूजी हुई नसें दर्द और खुजली पैदा करती हैं ।  इन की वजह से बैठना, खड़े होना और चलना मुश्किल हो जाता है।

बवासीर कितने प्रकार की होती है ?

बवासीर आम तौर पर दो प्रकार की होती है। ये  खूनी बवासीर और बादी बवासीर के नाम से जानी जाती हैं। खून के स्राव वाली बवासीर को खूनी बवासीर हैं तथा जहां खून का स्राव नहीं होता है उसे बादी बवासीर कहते हैं। बवासीर अंदरूनी या बाहरी भी हो सकती है।

बवासीर या पाइल्स के लक्षण क्या होते हैं ?

बवासीर या पाइल्स के लक्षण आम तौर पर ऐसे होते हैं –

  1. दर्द – मल त्याग करते समय दर्द होती है। कई लोगों में यह दर्द तीखी चुभन की तरह होती है और कई  लोगों में यह मीठी मीठी दर्द रहती है। कई लोग इसे ऐसे बताते हैं जैसे की कोई तीखी चीज़ चुभ रही हो। कुछ लोगों में यह जलन के रूप में होती है। दर्द मल त्याग करने के बाद कई घंटों तक रह सकती ह, जिस वजह से चलना और बैठना मुश्किल होता है।
  2. कई लोगों में किसी प्रकार की खुजली महसूस होती है।  यह खुजली गुदा द्वार में और उस के आस पास होती है।
  3.  कुछ लोगों में खून का स्राव होता है।  यह खून का स्राव मल त्याग करते समय होता है। यह खून लाल रंग का ताज़ा खून होता है।

बवासीर के क्या कारण होते हैं ?

बवासीर या पाइल्स का सबसे महत्वपूर्ण कारण आज की बदलती जीवनशैली है।  हमारे खाने में बसा या चर्बी की मात्रा बढ़ती जा रही है। उसी समय हमारी दिनचर्या में चलना फिरना और महनत मशक्कत कम हो गया है। हम अधिकतर समय बैठे रहते हैं। स्कूटर या गाड़ी में चलते हैं।  पैदल चलना और साइकिल चलना हमारे जीवन का हिस्सा नहीं रहे हैं। घर का काम भी मशीनों से हो जाता है। इन सब कारणों से मोटापा जन साधारण में बढ़ता जा रहा है। इस बढ़ते हुए वज़न की वजह से हमारी पाचन शक्ति कमज़ोर होती जा रही है। एक और कारण है हमारे  खाने में मिर्च और मसालों का अधिक प्रयोग।

बवासीर के मरीज़ क्या खाएं ?

बवासीर के मरीज़ को यह ध्यान रखना है की उसे कब्ज़ न हो। इस लिए ज़्यादा रेशेदार चीज़ें खानी चाहिए। रेशा कम होने की वजह से कब्ज़ होती है और इस वजह से मल त्याग करने में ज़ोर लगाना पड़ता है। इस के कारण पाइल्स होने के खतरा रहता है। जैसा की मैं पहले भी बता चुका हूँ, अधिक मिर्च मसाला खाने से भी बवासीर की समस्या हो सकती है। अधिक मात्रा में मांस खाना भी पाइल्स का कारण बन सकता है। कोक या पेप्सी आदि कोल्ड ड्रिंक्स भी इस समस्या को बढ़ाते हैं।

बवासीर के रोगियों के लिए ध्यान रखने योग बातें

अपनी जीवन शैली में कुछ बदलाव लाना बवासीर या पाइल्स के रोगियों के लिए बहुत लाभदायक रहता है।

  1. अपने खाने में रेशे की मात्रा बढ़ानी चाहिए। इस के अनेक लाभ होते हैं। एक तो इस से कब्ज़ नहीं होती। दूसरा इसे से वज़न कम रहता है। तीसरा इस से मल त्याग करने के लिए ज़ोर नहीं लगाना पड़ता।
  2. मांस मछली खाना कम करना चाहिए। सादा भोजन जिस में फल और सब्ज़ियां ज़्यादा हों फायदेमंद रहता है।
  3. पानी की मात्रा अधिक रखनी चाहिए। इस से भी कब्ज़ होने का खतरा नहीं रहता।
  4. प्रतिदिन सैर करनी चाहिए। यह पाचन शक्ति को बढाती हैं तथा कब्ज़ नहीं होने देती।
  5. मल त्याग करते समय ज़ोर नहीं लगाना चाहिए।
  6. अधिक समय तक बैठे रहना बवासीर के रोगियों के लिए अच्छा नहीं है। चलते रहना उन के लिए लाभकारी है।
  7. गर्म पानी के टब में कुछ देर बैठने से सूजन कम हो जाती है और दर्द को भी आराम मिलता है।

बवासीर के ऑपरेशन से कोई लाभ नहीं

एलोपैथिक दवा प्रणाली में बवासीर या पाइल्स का कोई सफल इलाज नहीं होता है। इस लिए वे केवल सर्जरी या ऑपरेशन ही बताते हैं। ऑपरेशन के बाद भी बहुत बार पाइल्स या बवासीर दोबारा आ जाती है। इस वजह से ऑपरेशन करवाने का कोई लाभ नहीं रहता। इस से जो शारीरिक और आर्थिक नुक्सान होता है वो अलग। इस लिए पाइल्स या बवासीर के लिए सर्जरी करवाना न ही लाभकारी है और न समझदारी।

बवासीर या पाइल्स का ऑपरेशन के बिना इलाज

होम्योपैथिक दवाएं पाइल्स या बवासीर के इलाज के लिए बहुत असरदार हैं। इन दवाओं के प्रयोग से आप बिना ऑपरेशन के बवासीर को पूरी तरह से ठीक कर सकते हैं। होम्योपैथिक इलाज का एक लाभ यह भी है कि इस से यह बिमारी हमेशा के लिए ठीक हो जाती है और दोबारा नहीं होती। उसी समय यह इलाज करना बहुत ही आसान है और इस में ज्यादा खर्च भी नहीं होता।

बवासीर या पाइल्स के लिए 5 सर्वश्रेष्ठ होम्योपैथिक दवाएं

  1. हैमामेलिस – खूनी बवासीर के लिए सर्वोत्तम होम्योपैथिक दवा

  2. रतानिया – दर्द के साथ पाइल्स का होम्योपैथिक इलाज

  3. ग्रेफाइट्स – कब्ज के साथ बवासीर के लिए सर्वोत्तम होम्योपैथिक दवा

  4. नक्स वॉमिका – बैठे रहने के कारण होने वाली पाइल्स के लिए

  5. एस्क्युलस – पीठ दर्द के साथ बवासीर के लिए श्रेश्ठतम पाइल्स दवा

यहां पाठकों की जानकारी हेतु उपरोक्त दवाओं का संक्षिप्त में वर्णन दिया जा रहा है –

  1. हैमामेलिस – खूनी बवासीर के लिए सर्वोत्तम होम्योपैथिक दवा

अधिकतम लोग डॉक्टर के पास तब जाते हैं जब उन्हें मल में खून का स्राव दिखता है। इस की वजह से वे चिंतित होते हैं और घबरा जाते हैं। उनकी चिंता और घबराहट को दूर करने का सबसे आसान हल यह है कि इस खून के स्राव को रोका जाए। इस काम के लिए हैमामेलिस सबसे उत्तम होम्योपैथिक दवा है। मुझे खून के स्राव को रोकने के लिए दूसरी किसी दवा की आवश्यकता कम ही पड़ती है। मल द्वार और उस के आस पास एक दर्द लगातार बना रहता है जैसा कि किसी चोट के लगने का बाद होता है।

  1. रतानिया – दर्द के साथ बवासीर का होम्योपैथिक इलाज

दूसरा कारण जिस वजह से लोग डॉक्टर के पास जाते हैं वो है मल त्याग करते समय दर्द होना। दर्द वाली बवासीर को ठीक करने के लिए रतानिया सर्वोत्तम होम्योपैथिक दवा है। इस में दर्द मल त्याग करने के पश्चात काफी समय तक रहता है।  दर्द इस प्रकार से होता है जैसे कांच का कोई टुकड़ा त्वचा में घुस रहा हो। कई बार जलन भी महसूस होती है और इस जलन को ठंडे पानी से आराम रहता है।

  1. ग्रेफाइट्स – कब्ज के साथ बवासीर के लिए सर्वोत्तम होम्योपैथिक दवा

कब्ज के साथ होने वाली बवासीर या पाइल्स के मिए ग्रेफाइट्स एक बहुत ही उपयुक्त दवा है। मोटापा इस दवा के प्रयोग के लिए एक और ज़रूरी संकेत है। मल सख्त गाँठों की तरह होता है और ये गांठें रेशे से जुडी होती हैं। अक्सर ऐसे रोगियों को त्वचा रोग भी होता है। स्त्रियों में माहवारी भी समयनुसार नहीं होती।

  1. नक्स वॉमिका – बैठे रहने के कारण होने वाली बवासीर के लिए सर्वोत्तम होम्योपैथिक दवा

आज की जीवन शैली की वजह से होने वाली बवासीर के लिए नक्स वॉमिका बहुत ही उपयुक्त होम्योपैथिक दवा है। मानसिक तौर पर हम सुबह से शाम तक व्यस्त रहते हैं लेकिन शारीरिक तौर हम सारा दिन बैठे रहते हैं। हमारे खाने में बसा और मांस आदि का प्रयोग अधिक हैं और फल फूल का कम। इस वजह से मोटापा भी बढ़ रहा है और मधुमय जैसे रोग भी। धूम्रपान और शराब का सेवन भी अधिक मात्रा में होने लगा है। इन सब कारणों से बवासीर जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। इन सब के लिए होम्योपैथिक दवा नक्स वॉमिका बहुत असरदार है। ऐसे लोगों को ठंड अधिक लगती है उन्हें गुस्सा भी अधिक आता है।

  1. एस्क्युलस – पीठ दर्द के साथ पाइल्स के लिए श्रेश्ठतम पाइल्स दवा

जब रोगी को बवासीर या पाइल्स के साथ साथ पीठ में भी दर्द रहता हो तो उस के लिए होम्योपैथिक दवा एस्क्युलस सर्वश्रेष्ठ है। इस में रक्त स्राव नहीं होता है और दर्द ऐसा होता है जैसे कोई चीज़ अंदर चुभ रही हो।

 

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